लालाजी भी जानते थे की वो कितनी हरामी टाइप की औरत है पर चुदाई करवाते हुए वो जिस तरह खुल कर मस्ती करती थी, उसी बात के लिए लालाजी उसके कायल थे… लालाजी ने अपने लंड के पिस्टन से उसकी चूत को किसी मशीन की तरह चोदना जारी रखा..सलमा : “आआआआआहह लालाजी…आज तो कसम से आपके बूड़े शरीर में जैसे कोई ताक़त आ गयी है…किस कली को देख आए आज…अहह.”लालाजी बुदबुदाए : “वो है ना साली…दोनो रंडिया…अपने मोहल्ले की…कामिनी और प्रेरणा…साली बिना ब्रा पेंटी के घूमती है आजकल…..साली हरामजादियाँ….आज तो कसम से उन्हे दुकान पर ही ठोकने का मन कर रहा था…”सलमा हँसी और बोली : “उन दोनो ने तो पुर मोहल्ले की नींद उड़ा रखी है लालाजी… उफफफफ्फ़…उन्हे देखकर मुझे अपनी जवानी के यही दिन याद आ गये….. बदले में वो अपने घर का राशन बिना किसी रोक टोक के उठा लाती..पर एक ही औरत को चोदते -2 अब लालजी का मन ऊब सा चुका था… उनके सामने जब गाँव की कसी हुई जवानियां, अपने मादक शरीर को लेकर निकलती तो उनके लंड का बुरा हाल हो जाता था… और ये बुरा हाल ख़ासकर कामिनी की कच्ची अम्बियों को देखकर होता था…उन दोनो की कामुक हरकतों ने लालाजी का जीना हराम कर रखा था.. XXX Hindi उन्होने झट्ट से सामने पड़े मर्तबान से 2 क्रीम रोल निकाले और उसे अपनी धोती में घुसा










