मीट माय फ्रेंड बलजीत!! XXX Hindi कितना सूंदर है!! ऐसे अकेले अकेले मजा नही आ रहा! सुजीत ने मेरा इंट्रो करवाया.इसकी गिर्लफ्रेंड वो भावना थी, नौकरी छोड़ कर चली गयी!! मैंने सुजीत से कहा.ठीक है, मैं तेरे लिए बात करूँगा!! तृप्ति ने मुझसे कहा।हमारी चुदाई शूरु हो गयी। आज कितने दिन बाद हम तीनों को ऑफ़ मिला था। लग रहा था हम सब एक महीने से लगातार काम कर रहे थे। सच दोंस्तों, गुडगाँव, दिल्ली में तो वक़्त का पता ही नही चलता। तृप्ति फर्श पर अपने घुटने पर बैठ गयी। किसी हाई प्रोफाइल बिच की तरह मेरी जीन्स की बटन खोंलने लगी।मुझे भी मजा आ रहा था। फिर उसने मेरा बड़ा सा मोम्बत्ता सा लण्ड निकाल लिया। और चूसने लगी। कभी मैं तृप्ति जैसी मस्त लड़की को लूंगा कभी नही सोचा था। सच में दोंस्तों, मैं सुजीत जैसे दोस्त को पाकर धन्य हो गया था। कौन अपनी गर्लफ्रेण्ड अपने दोस्त को खाने को दे देता है।तृप्ति का फिगर बड़ा सेक्सी था। मैंने भी कहकर उसके कपड़े निकलवा दिए। भरी भरी नँगी छातियों को देखकर लगा कहीं मैं इसे चोदने से पहले कहीं आउट ना हो जाऊ। बड़ा कंट्रोल किया मैंने खुद को। उसकी छातियां कसी और नुकीली थी। मुझपर बिजली गिरा रही थी।तृप्ति नँगी थी, मैं सोचने लगा की अगर लड़कियां नँगी इतनी सुंदर लगती है तो क्यों बेकार में हम उनको कपड़े















