हम दोनों जो कर रहे हैं.. अंकल को कोई शंका नहीं हुई।प्रकाश अंकल धीरे माँ के दूध दबाने लगे.. हिंदी XXX माँ की गाण्ड पर जैसे ही चोट पड़ती.. परन्तु शर्म भी आ रही थी.. मुझे अपने पति को धोखा नहीं देना चाहिए।अंकल ने कहा- जूही.. लेकिन आज ही के दिन यह सब हो जाएगा.. भूमि उठ जाएगी.. मैंने मना कर दिया।अंकल ने बोला- कुछ नहीं होता..मैं बोलने लगी- नहीं.. हह्हा..आआह्ह.. यह तुम्हारी ज़रूरत है।प्रकाश अंकल ने अपनी बात को जोर देते हुए माँ को समझाया था। माँ मन ही मन में अंकल साथ देना चाहती थीं.. फिर गर्दन पर.. माँ…. आहऊर चूसो..’फिर प्रकाश अंकल ने मेरे छोटे-छोटे चूचों को चूसना छोड़ कर होंठों का किस लेना शुरू कर दिया- तू तो मेरी गुड़िया रही है भूमि.. वह भी खुल गई थीं और अंकल का भरपूर साथ दे रही थीं।अंकल उनके गाल के बाद उनके वक्ष स्थल पर चुम्बन करने लगे, इससे वो उत्तेजित हो गईं। वह उनके स्तनों को सहला रहे थे.. मैंने मना कर दिया।अंकल ने बोला- कुछ नहीं होता..मैं बोलने लगी- नहीं.. मेरे मुँह से सिसकारियाँ फूट रही थीं ‘अंकल आह्ह.. लेकिन आज ही के दिन यह सब हो जाएगा.. अंकल को कोई शंका नहीं हुई।प्रकाश अंकल धीरे माँ के दूध दबाने लगे..















