लगी रहो! XXX Hindi खुलकर चोदो मेरी बीवी को! मैंने कहा।भाई पहले मैं भाभी की गुझिया चाट लूँ! चट चट चट! धर्मेश मेरी बीवी को जानवरों की तरह चोदे जा रहा था।हूँ हूँ हूँ! सुरुवात तेरे से ही होगी! वैभव बोला।धर्मेश भी यही कहने लगा। मैंने अपनी बीवी मुस्कान से बात की। वो राजी हो गयी। फिर क्या था। संडे नाईट को मेरी बीवी 3 मर्दों से चूदने वाली थी। मैं एक अच्छी सी ब्रा पैंटी खरीद लाया। लंबे समय तक चुदाई करने वाली गोलियां ले आया। कुछ स्प्रे भी खरीद लाया जिसे स्प्रे करते ही झड़ा लंड भी तुरन्त खड़ा हो जाता है।मेरी बीबी मुस्कान का ये पहला गैंग बैंग था। उसने अपनी झांटे साफ कर ली। शाम को नहाकर बिलकुल फ्रेश मॉल हो गयी। धर्मेश और वैभव ने पहले ही बता दिया था कि भाभी को साड़ी ब्लॉउज़ में ही रखना। मेरी जवान बीबी को भारतीय कपड़ों में देखकर ही उनके लण्ड खड़े होंगे और वो मेरी जवान बीबी को चोद चोदके उसकी चूत फाड़ देंगे।असल में हम तीनों कपल बहुत ठरकी थे। हम लोग किसी नैतिकता को नही मानते थे, किसी ईश्वर में विस्वास नही करते थे और चुदाई और जी भरके चुदाई में ही विस्वास रखते थे। शाम को धर्मेश और वैभव घर आ गए थे। मेरी बीवी मुस्कान ने उसके लिये मटन और चिकन बिरयानी बनायी थी। सबने छक















