उसके मुंह से सिसकारियाँ निकल रही थीं और उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था..हम दोनों की साँसें, बहुत ज़ोर ज़ोर से चल रही थीं.. जो उनकी 20 साल की बेटी थी, ख़ुशी और उनकी 18 साल की बेटी थी, शोभा उन दोनों से काफ़ी दोस्ती थी हमारी.. हिंदी XXX अजय ने मुझे कुछ किताबें दी, जिनमें बहुत सारी नंगी लड़कियों के चित्र थे चुदाई करवाते हुए..मुझे वो किताबें, बहुत मस्त लगी.. यह देख कर, मुझे बहुत अच्छा महसूस होता था.. लगभग 1 महीने के बाद वो मेरे ही शहर में ही कॉलेज के हॉस्टल में रहने लगी.. यह सिलसिला लगभग 1 – 1.5 साल चला पर उसके बाद उसका एक प्रेमी बन गया, जिससे उसको सच में बहुत प्यार हो गया..और तो और उसने अपने प्रेमी को हम दोनों के रीलेशन के बारे में सच सच बता दिया था.. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मुझे मज़ा आ रहा था और तभी मेरी नज़र, उसके बूब्स पर पड़ी.. वो लगातार अपने बूब्स रगड़ रही थी, मेरी पीठ से.. सबकी उम्र लगभग 18 – 20 के आस पास थी – लड़कों और लड़कियों की.. वो एक एक्सपर्ट की तरह, मेरे लण्ड को चूस रही थी.. थोड़ी देर वो लण्ड चूसती रही और मैं एंजाय करता रहा..











