मेरी चूत को आज इसका सारा रस निकाल दो!मोनू: भाभी मेरे को आपकी टाइट गांड चोदनी है( मेरी गांड पर हाथ मारते हुए बोला)मै: ठीक है सालो चूत के साथ साथ गांड को भी फाड़ डालो!इतना कहकर मैं खड़ी होकर झुक गयी। मोनू तेजी से मेरी गांड की तरफ लपकते हुए आ गया। मोनू ने मेरी गांड के छेद पर अपना लंड कुछ देर तक रगडा। उसके बाद छेद में अपना लंड धकेलने लगा। उसके लंड का टोपा बड़ी मुश्किल से मेरी गांड में घुसा था। वो जोर जोर से धक्के मार कर अपना पूरा लंड मेरी गांड में घुसा दिया। पूरे लंड से वो मेरी जोरदार की चुदाई कर रहा था। मेरी गांड फट गयी। उधर मेरे मुह को पकड़कर संजय अपना गीला लंड चुसाने लगा।पहली बार मैंने उसके लंड पर लगे अपनी चूत के माल को चखा था। संजय मेरी जीभ के रगड़ से झड़ गया। मोनू दूसरी बार चुदाई कर रहा था। वो मेरी गांड में ही अपना लंड डाले हुए सारा माल निकाल दिया। मेरे को गांड में कुछ गरमा गरम लगा। मोनू का लंड भी धीरे धीरे सिकुड़ कर बाहर निकल आया। हम तीनों रात भर बिस्तर पर नंगे ही पड़े रहे। उस रात संजय और मोनू ने मेरी जवानी का खूब मजा लूटा। उसके बाद आज तक वो दोनों मौक़ा मिलते ही मेरे साथ सेक्स करना










