कब जाएगी आपको पता भी नहीं चलेगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.इस बात पर वो मान गई; फिर उसने अपना हाथ हटा दिया। उफ्फ… क्या दिलकश नजारा था… लंड को खड़ा कर देने वाला था। दोस्तो, उसकी एक-एक बूब करीब 34 डबल डी साइज़ की रही होंगी। एकदम गोरे-गोरे, निप्पल्स भी हल्के भूरे रंग के। निप्पल के बाहर का हिस्सा लाइट गुलाबी-भूरे रंग का।मेरा मन तो निचोड़-निचोड़ कर सारा दूध पी लेने का हो रहा था। मगर मसाज करना था। तो मैंने खुद को काबू करते हुए उसके गोरे-गोरे बूब्स पर तेल गिराया, राउंड-राउंड घूमावदार मसाज शुरू किया। फिर निप्पल को अंगूठे और उंगली में दबाकर ऊपर की तरफ खींचा। बगल से दबाते, सब एकदम उत्तेजित करने वाले मसाज ट्रिक से मसाज करने लगा। उसे भनक नहीं थी कि मेरे मन में क्या चल रहा है।निश्चिंत होकर वो मुँह से सिसकारियाँ लेते हुए मसाज ले रही थी। मैं एकदम शरीफ, मासूमियत से मसाज कर रहा था। उसकी चूत पर एक बाल नहीं था। लग रहा था कि बाल आते होंगे या नहीं। नाजुक सी, अनछुई। मेरा लंड अपनी तैयारी में था। बात करते-करते मैं उसके कमर पर आकर मसाज कर रहा था। तो उसे मेरे कडक लंड का अनुभव मिल रहा था।वो बोली- आप चाहें तो अपना अंडरवियर उतार सकते हैं।मानो मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया















