अब मैं भाभी के ऊपर था. मेरी गांड फट चुकी थी, मैं भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि भाभी किसी को कुछ नहीं बताये.तभी भाभी मेरे कमरे में आ गई मुझे रोता देख वह मेरे पास आई मेरे हाथ पकड़ते हुए बोली उर्जित तू पागल है क्या? हिंदी XXX तुम मर्द हो और मर्द रोते नहीं समजा, जवानी में तो ऐसी गलतियां होती है, तू टेंशन ना ले सब ठीक हो जाएगा.यह कहते की भाभी ने मेरा सर अपने सीने से लगा लिया, भाभी ने शायद जान कर मेरा चेहरा अपने बूब्स में दबा लिए और मेरे सर को बालों में अपने हाथ फसाकर मेरे बालों से खेलने लग गई.भाभी ने कहा अच्छा उर्जित यह बता कि मैं तुझे कितनी अच्छी लगती हु?मैंने कहा हां भाभी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हैं और मैं आपको बहुत प्यार करता हूं?अब मैंने अपनी आंखें खोली तो मेरी आंखों के सामने भाभी बूब्स थे जो कि टॉप मै साफ दिख रहे थे, अब मे अपना चेहरा भाभी के दूध से रगड़ने लग गया, कुछ पल पहले मुझे अपनी हरकत पर बहुत अफसोस था, अब मैं फिर से वही काम करने लग गया था.भाभी : उर्जित तुम यह क्या कर रहे हो? मुझे बताओ ना.भाभी ने कहा तुम थोड़ा सब्र करो उर्जित जी टाइम आने पर सब पता चल जाएगा.मैं हर बार भाभी को अपने साथ खोलने की















