दरवाजे पर अमित था और वो अंदर आ गया.उसने नीता कि बारे में पुछा तो मैने कहा ही वो पास ही घुमने गई है. XXX Hindi लॅंड नीता के मुंह मे चला गया और नीता की सांसे रुकने लगी. नीता मुझे देखने लगी पर मैं कोई प्रतिक्रिया नही कर सका. लगभग १५ मिनट बाद उसका शरीर एंठ गया और चेहरे के भाव से पता चल रहा था की वो अपना बीज अंदर ही छोड़ रहा था.फिर उसने अपना लॅंड बाहर खींचा. नीता को समझ आ गया था कि क्या हो सकता है इसलिए उसने खुद अपने मुंह पर ढक्कन लगा लिया. मेरी शादी घर वालो की मर्जी से हुई थी. अभी निकल कर स्टेशन पर इंतिजार ही करोगे. अकसर लोगो के दिमाग में आश्रम को लेकर कई दुर्विचार होते है जैसे वो मौजमस्ती का अड्डा होता है परन्तु ऐसा कुछ भी नही है, आश्रम एक पवित्र और मन को शान्ति देने वाली जगह होती है. नीता बिना कपडो़ के ही बैठ कर नाश्ता की. रात में 9 बजे के आसपास बॉबी आयेगा तो हम लोग फिर से एक बार नीता के साथ आन्नद लेगे.तुम बीच में मत पड़ना नही तो मुसीबत में आ जाओगे. बाहर आते समय उसने बाथरूम का दरवाजा भीडा़ दिया. नीता को खाने के लिये दिया तो उसने भी बेमन से थोडा़ ही खाया और बाथरूम जा कर मैक्सी पहन कर













