मैंने हां कर दी.मैं रोज रात को 9 बजे उसके घर उसे पढ़ाने जाता. उसकी चूत में से खून निकलने लगा था. XXX Hindi अगले दिन उसने जींस और शर्ट जिसके बटन सामने खुलते थे पहने हुए थी.मैं उसके सामने बैठा कर उसे मैथ्स समझा रहा था, उसके शर्ट का एक बटन टूटा हुआ था, उसका ध्यान पढ़ाई में था और मेरा ध्यान उसके टूटे हुए बटन के पीछे उसके बूब्स पर था, उसकी काली ब्रा और गोरे बूब्स मेरे सामने दिख रहे थे. वो मेरे जीवन सबसे हसीन कली थी जिसे फूल बनाने का जिम्मा खुदा ने मुझे इनाम में दिया था. धक्के पर धक्के. पाँच मिनट तक मैं सिर्फ़ उसके बूब्स को चूसता रहा और उसके पूरे शरीर पर हाथ फ़िराता रहा.धीरे धीरे उसका दर्द कम हुआ और उसे जोश आने लगा. और उसे चूमने लगा.कुछ देर बाद वो शान्त हो गई.मैंने उससे बोला- अपना मुँह बन्द रखना, मेरी जान. उसने कहा कि प्यार से करना क्योंकि अभी थोड़ा थोड़ा दर्द हो रहा है. मैं रोज़ रात को 9 बजे जाता और रात के 11-12 बजे तक वहाँ पर रुकता था. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.और मुझे साफ़ पता चला जैसे कि उसकी चूत ने एक जोर से पिचकारी मेरे लण्ड पर छोड़ दी.















