”“यही, इस टाइम पर खुद को कंट्रोल करना।”“हाँ ये तो होता ही है।”“औरत तो फिर भी कंट्रोल कर लेती है। लेकिन आदमी से कंट्रोल करना बहुत मुश्किल होता है।”“औरत को भी करना ही पड़ता है अखिलेश जी।”तभी मैंने साली जी पर जोरदार पंच मारा। “आपकी हालत भी मेरे जैसी ही हो रही है। उधर साडू जी बाहर है और इधर आपकी बहन प्रेग्नेंट हैं।”ये कह कर मैंने साली जी को मेरे साथ ही एक ही लाइन पर ले लिया। तभी मेरी बात सुनकर साली जी कुछ बोल नहीं पाई। तभी मैंने साली जी से फिर पुछा “बोलो ना अल्का जी।”“अब क्या कहूँ मैं! XXX Hindi इतनी अनुभवी होते हुए भी!”“नहीं अखिलेश जी, मैं मुँह मे नहीं लूंगी।”“लेकिन इसमें क्या दिक्कत है? क्या पता ये मेरे लंड पर मेहरबान हो जाए। आखिरकार साली जी भी तो साडू जी के बाहर रहने की वजह से प्यासी ही है।तभी मैंने हिम्मत करके साली जी कहा “बहुत मुश्किल होता है अल्का जी।”“क्या मुश्किल होता है? तभी अल्का जी ने उनके होंठ मेरे होंठो में फंसा दिए और अब अल्का जी मेरे प्यासे होंठो को अपने रसीले होंठो से खाने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.अल्का जी भूखी शेरनी बन कर अब मेरे होंठो पर टूट पड़ी थी। वो झमाझम मेरे होंठो को खा रही थी। अल्का जी के सुनहरे बालों ने मेरे















