मैं क्या किसी से कहने जा रहा हूँ !”“साथ में ही !” उसने धीरे से कहा।“ओहो… मतलब अभी वहाँ पर भी इतनी ही रौनक होगी… असल में कुछ लोगों के पैशन कुछ अलग होते हैं और ये बाल मेरा पैशन हैं। मैं इन्हें तो देख सकता हूँ… काश वहाँ के भी देख पाता।”“आपकी शादी हो गई?” उसने बातचीत का विषय बदला।“हाँ… पर किस्मत में शादी का सुख नहीं। पत्नी पहले से ही किसी से फंसी हुई थी, उसने मुझे सिर्फ अपना मतलब निकालने के लिए इस्तेमाल किया और अपने यार के साथ चली गई, मैं तो अकेला ही रह गया।” मैंने कुछ मायूसी भरे अंदाज़ में कहा।“ओह !” उसके स्वर में हमदर्दी का पुट था।और फिर उसने जो बात कहीं, उसने मेरे उम्मीदों के दिए एकदम से रोशन कर दिए।“सुख का क्या है, कई लोग होते हैं, जिनकी किस्मत में शादी टूटने के बाद सुख नहीं होता और कई लोग होते हैं जिनकी किस्मत में शादी होते हुए भी सुख नहीं होता।”कहते वक़्त उसकी आवाज़ में एक मायूसी थी जिसने मेरे लोअर में हलचल मचा दी। मैंने उसकी आँखों में झांकना चाह मगर उसने निगाहें नीची कर लीं।“क्या कहीं और कोई कोई लड़की है इस्माइल की ज़िन्दगी में?”“नहीं।”“अच्छा, तो इसका मतलब यह है कि वो तुम्हें वैसे शारीरिक सुख नहीं दे पाता जो तुम्हें मिलना चाहिए।” मैंने अगला वार किया।उसकी काया ‘कांप’















