जब मेरा यौन जीवन शुरू हुआ और वह भी मेरी सग़ी मौसी के साथ, तब मैं एक कमसिन किशोर था अब मैं एक बड़ी कंपनी में उँचे ओहदे पर हू और हर तरह का मनचाहा संभोग कर सकने की स्थिति में हू मुझमें सेक्स के प्रति इतनी आस्था और चाहत जगाने का श्रेय मेरी प्यारी दामिनी मौसी को जाता है. XXX Hindi इस उम्र में भी मैं तेरे जैसे कमसिन लडके को इतनी भा गई, मुझे बहुत अच्छा लगा और तू भी कुछ कम नहीं है बहुत प्यारा है.”और मौसी ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और मुझे चूमने लगी उसके मुँह का स्वाद इतना मीठा और नशीला था कि मैं होश खो बैठा और उसे बेतहाशा चूमने लगा चूमते चूमते मौसी ने अपना ब्लओज़ उतार दिया मेरा चुम्मा लेते लेते अब मौसी अपनी ब्रा के हुक खोल रही थी.चुंबना तोड कर उसने मेरे सिर को झुका कर अपनी छातियों में दबा लिया दो मोटे मोटे कोमल मम्मे मेरे चेहरे पर आ टिके और दो कड़े खजूर मेरे गालों में गढ्ने लगे मैं समझ गया कि ये मौसी के निपल हैं और मुँह खोल कर मैंने एक निपल मुँह में ले लिया और बच्चे जैसा चूसने लगा.मौसी मस्ती से आहें भरने लगी और मुझे डर लगा कि कहीं कोई सुन ना ले पर रज़ाई से पूरा ढका होने से कोई आवाज़ बाहर















