हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..”करने लगी।मोहन मेरे मक्खन को चाट चाटकर पीने लगा। मैंने भी उसे मना नही किया। पूरी तरह से चुसवा रही थी। नौकर की जीभ अपना कमाल दिखा रही थी। वो मेरी चुद्दी के रोम रोम को पी रहा था और घी समझकर चाट रहा था। मुझे अत्यधिक मजा मिलने लगा।मैं अपने पेट को उपर उठाने लगी। अपनी कमर और चूत भी जोश में आकर उठा रही थी। मेरी आहे अब बहुत तेज हो गयी थी। मोहन तो चाटता ही चला गया। मैं फिर से झड़ने वाली हो गयी। उसी वक्त उसने अपने निकर को जल्दबाजी में उतारा।मैंने उसके लौड़े को देखा। 6” लम्बा काला लौड़ा था। मोहन ने जल्दी से लंड मेरी चूत में सेट किया और धक्का मारा। अईईई—मैं बोली और लंड खा गयी। अब वो मुझे जल्दी जल्दी लेने लगा। जिस बिस्तर पर मैं चुद रही थी वो चर चर्र करने लगा।जैसे जैसे मैं चुदने लगी मुझे बड़ा बेहतरीन लग रहा था। वाह!! क्या मस्त फुद्दी है तेरी!!” मोहन नौकर बोला.“अंकल सोच क्या रहे हो!! हिंदी XXX चूत में ही गिरा दो!!” मैंने कहा.फिर उसने आखिर में लम्बा धक्का गच्च से चूत में मारा। उसका लंड मेरी बच्चेदानी तक पहुच गया, मुझे फील हुआ। फिर उस चोदू नौकर ने अपना माल मेरी चूत में ही छोड़ दिया। फिर लौड़ा अपने आप बाहर आ गया। मोहन मेरे बाजू ही लेट गया।
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जवान मालकिन और उसका नौकर बिस्तर पर मचा रहे हैं धाँसू मज़ा, देसी आवाज़ में गर्मागर्म माहौल
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