जवान लड़की और उम्रदराज औरत का गर्म त्रिकोण

मुस्करा देते। वक्त गुजरता रहा, एक दिन मैं जेठ की दिवंगत पत्नी के छोटे बेटे जावेद को गोद में लेने के बहाने उन्होंने मेरी बाहें थाम ली।क्योंकि जावेद मेरी गोद से नही उतर रहा था। उनकी इस बेतकल्लुफी से मुझे लगने लगा था कि किसी-न-किसी दिन वह मुझसे कुछ करके ही मानेंगे। उधर मेरे शौहर अबरुद्दीन की हालत यह थी कि मर्दाना ताकत की दवाएं खाकर भी पूरा मर्द न बन पा रहा था। कभी मेरे दिल में जेठ के लिए बेईमानी आ जाती तो, मैं अपने आपको संभाल लेती थी।मेरे शौहर की नौकरी एक सप्ताह दिन, एक सप्ताह रात शिफ्ट में चलती रहती थी। जेठ को मुझ पर डोरे डालने के लिए दिन के साथ-साथ रात में भी काफी मौका मिलता था। एक दिन सास-ससुर एक शादी में गए तो उनके साथ सब बच्चे भी चले गए। अबरुद्दीन की दिन का शिफ्ट था।घर में मैं अकेली रह गयी थी। जेठ जी जैसे इसी दिन की तलाश में थे। उस दिन वह तबियत खराब होने का बहाना कर क्लीनिक से जल्दी घर आकर सीधे अपने कमरे में चले गए। शायद अपने इरादों को मजबूत बना रहे थे। जेठ के इरादों से अंजान मै नहाने के लिए गुसलखाने में घुस गयी।लापरवाही या कहा जाए उनकी किस्मत से मै अंदर से कुंडी लगाना भूल गयी। पूरे कपड़े उतार कर जैसे ही मै नहाने को

जवान लड़की और उम्रदराज औरत का गर्म त्रिकोण

Actors: India Summer

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