उस दिन से मैं रोज मदुरेश के यहाँ जाता और डिम्पी दीदी को नंगी देख कर मूठ मारता.उसी समय मदुरेश के पापा का ट्रान्सफर जबलपुर हो गया और एक मंथ बाद वह लोग यहां से चले गए. अंजू की शादी के एक साल बाद मेरी भी शादी पलक से हो गयी. हिंदी XXX अंजू मेरे लंड को हाथ से सहलाना शुरू कर दिया और मेरी गांड को टच करने लगी. वहां पाम से भी बड़ा होल था और पहले मदुरेश ने वहां से कुछ देखा फिर मुझे भी बुला कर देखने को कहा. मेरा दोस्त मदुरेश के फादर सरकारी जॉब में थे और वह एक अच्छी फॅमिली से था. मदुरेश ने बताया की वह दीदी को रोज ऐसे ही नहाते देखता है उसी ने ऊपर का होल इतना बड़ा कर दिया की डिम्पी दीदी को नहाते देख सके. वो फिर चीख पड़ी ऊऊओह्ह्ह्ह…… हहहहहह. अंजू ने कस कर मेरे लंड को ग्रीप्प कर लिया और मेरे लेग्स पर किस करने लगी.आख़िरकार मैंने अपनी मंज़िल पा ही ली. घर में मदुरेश और उसकी बिग सिस्टर डिम्पी दीदी भर थी. उसने मुझे हिदायत दे रखी थी की मैं कोई भी आवाज़ न होने दूँ. स्स्स्सस्स्स्स आहिस्ता आहिस्ता करो भैया मुझे बहुत दर्द होता है. मेरा लंड बार बार झटके मार रहा था और एक ज़बरदस्त किस्म की चुदाई मांग रहा था.















