” और बिस्तर धोने लगा। अन्धेरे का फ़ायदा उठा कर उसने मेरा हाथ पकड़ लिया।“अरे छोड़ ना…” पर उसने मुझे अपनी तरफ़ खींच लिया, और एक कोने में आ गया।“दीदी, तुम कितनी अच्छी हो, बस एक किस और दे दो…” मुझ पर अपने शरीर का बोझ डालते हुए चिपकने लगा।मैं कांप उठी, जिस्म कुछ करने को मचल उठा। इतने जवान लड़के को मैं छोड़ना नहीं चाह रही थी। मेरे होंठ थरथरा उठे, वो आगे बढ़ आया… उसके होंठ मेरे होंठो से चिपकने लगे। अचानक ही राहुल ने मेरे जिस्म को भींच लिया।मेरे बोबे उसकी छाती से दब कर मीठी टीस से भर उठे। उसके लण्ड का स्पर्श मेरी चूत के निकट होने लगा। मैंने भी अपनी चूत उसके लण्ड पर सेट करने लगी, और अब लण्ड मेरे बीचोबीच चूत की दरार पर लगने लगा था।“राहुल, बस अब हो गया ना… चल हट!” बड़े बेमन से मैंने कहा।पर जवाब में उसने मेरे बोबे भींच लिये और मेरा ब्लाऊज खींच लिया। उसने मेरे बोबे दबा कर घुमा दिये।“दीदी, ये मस्त कबूतर! हिंदी XXX इनकी गरदन तो मरोड़ने दो…! इनकी गरदन तो मरोड़ने दो…! इनकी गरदन तो मरोड़ने दो…! ” मेरे मुख से हाय निकल पड़ी, एक सीत्कार भर कर उसका लण्ड पकड़ कर खींच लिया।“राहुल, ये मस्त केला तो खिला दे मुझे… अब खुजली होने लगी है!” मेरे मुख से निकल पड़ा और राहुल ने मेरा















