मैंने उनके मम्मे को दबा कर देखा और बाहर आकर मुठ मार ली.अगले दिन मैं फिर से दीदी के कमरे में गया तो देखा कि दीदी ने आज ब्रा नहीं पहनी थी और उनका ब्लाउज पूरा खुला हुआ था. हिंदी XXX मेरा माल भी दीदी की चुत के अन्दर ही गिर गया.इसके कुछ देर बाद दीदी ने डॉगी स्टाइल से चुदवाया, गांड में भी लंड लिया. दीदी का दूध मस्त लग रहा था. इधर दीदी भी अब मेरे लंड को मसल रही थीं.वो मेरे कान में बोलीं- मुझे तेरा लंड मुँह में लेना है.मैंने कहा- हां दीदी, चलो 69 में करते हैं.दीदी ने हां कहा, तो मैं उनके ऊपर उल्टा लेट गया. दीदी का ब्रेस्ट मिल्क मेरे मुँह में मजा देने लगा. वो अपनी बच्ची को कई बार दूध पिलाते पिलाते अपने मम्मे खोलकर ही सो जाती थीं और उनके बड़े चूचे देखकर मेरे लंड में करंट दौड़ जाता था.ऐसे ही कुछ दिन बीत गए. मेरी बड़ी दीदी गर्भ से थीं, बाद में उन्होंने को एक बेटी ने जन्म दिया था. मैंने हाथ नीचे किया और दीदी की चूत को मसलने लगा; साथ ही मैं उनका एक दूध भी चूस रहा था.दीदी ने भी अपनी टांगें खोल दी थीं और मैं उनकी चुत में उंगली चलाने लगा था.















