और रात को करीब नौ बने मैं थर थर कापने लगी. हिंदी XXX पर मुझे पता ही नहीं चला कब सुबह हो गया, विपुल कॉलेज चला गया. Sex Fever Hornyमैं अपने आस पड़ोस में देखती हु, किसी औरत को अपने पति के साथ तो मुझे जलन होने लगती है क्यों की मैं ये सोचती हु की ये तो गुलछर्रे उड़ा रही है. पर जवानी का जोश और उम्र भला रोके क्या रुकेगा, जब मेरी चूचियां उसके सीने से लगी और जब वो मेरे पेट को सहला रहा था, मेरी गरम गरम साँसे उसके जिस्म से लग रही थी.वो व्याकुल हो गया क्यों की मैंने महसूस किया की उसका लंड मोटा और काफी लंबा हो गया था मेरी जांघ को टच कर रहा था. मैंने कहा और जोर से और जोर से, उसने करीब ५ धक्के ऐसे लगाया जैसे की मेरे चूत में पूरी हलचल हो गई थी.लंड मेरे पेट के बीचो बिच जा रहा था, और हम दोनों एक गहरी सांस लेते हुए उसने मेरे चूत में अपना पूरा वीर्य डाल दिया. हम दोनों एक दूसरे को पकडे हुए थे. उसने मुझे कस के पकड़ लिया, उसने अपने कपडे उतार दिए, और मेरी भी कपडे उतार दिए.ताकि जिस्म से जिस्म मिलने के बाद ठण्ड कम होता, उस समय उसके मन में कुछ गलत बात शायद नहीं था वो सिर्फ मुझे हेल्प करना चाह रहा















