मैं सुनीता ४० साल की हु, मैं भी आज अपने ज़िंदगी का एक कड़वा सच आपके सामने बता रही हु, मुझे ये लगता नहीं था की मैं किसी को ये बात कभी बता पाऊँगी पर मैंने भी आज सोच लिया की मैं भी आपके सामने एक अपनी सच्ची कहानी पेश करूँ, हो सकता है कई लोगो को अच्छा नहीं लगे क्यों की ये कहानी मेरे और मेरे बेटे के बारे में है. वो धक्के पे धक्के देने लगा पूरा कमरा फच फच की आवाज से गूँज रही थी, मैंने भी अपना चूतड़ उछाल उछाल के चुदवा रही थी, उस रात को मुझे बहुत चोदा.अब मैं क्या बताऊँ कुसुम भी आ गई है, कुसुम जब स्कूल जाती है, वो एक स्कूल में टीचर है, तब वो मुझे चोदता है, आज कल मैं भी खुश हो क्यों की सेक्स तो सब को चाहिए आज कल मेरे गालों पे लाली फिर से आने लगी है, जैसे की पतझड़ के बाद बहार आता है वैसे ही मेरे सुनें ज़िंदगी के बाद एक बार बहार आ गया है, चाहे वो बहार लाने बाला मेरा बेटा ही क्यों ना हो. हिंदी XXX एक दिन की बात है बहु अपने मायके गई थी, रात को वो वापस आया पब से और मुझे आके कहा माँ आज मैं आपसे एक बात करना चाहता हु.मुझे कुसुम (उसकी पत्नी ) में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं















