दोस्तों इस कहानी में पढ़िए की कैसे परत दर परत खुलती है.हां तो दोस्तों हमारे पड़ोस में ही एक नेपाली परिवार रहता था. अब तो मेरी और हिम्मत बढ़ गयी और मैने उसकी चूची पर हाथ का दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया और जब उसकी कोई हरकत नहीं देखी तो मैं उसकी चूची को दबाने लगा.बस में अंधेरा था और केवल बस के चलने की ही घर घर की आवाज़ आ रही थी. XXX Hindi उस ने कहा, “अरे कापरे के उपर से क्या मज़ा आएगा जालिम मसलना है तो कापरे खोल कर मसालो”. उसका हज़्बेंड वहाँ बीमार है और वह उसे देखने जाना चाहती है. आज से पहले किसी ने मेरी फुददी नहीं चॅटा था. इस बीच उसने वह चदडार मेरे उपर भी लपेट दी. मैने सविता भाभी को चित लेटा दिया और मैं उसके मुख के दोनों तरफ घुटने मोर बैठ उसकी चूत पर झुक गया. मैं सरकारी काम से अक्सर काठमांडू जाता रहता हूँ. इन दो चुदायी के बाद मुझे गहरी नींद आने लगी क्योंकि में रात भर बस में भी नहीं सोया था. ठीक है तुम्हारी सहेली है और परोसी है तो उसे मैं वहाँ उसके हज़्बेंड के पास पहुँचा दूँगा.तुम भी खुश, तुम्हारी सहेली भी खुश और उसका पति भी खुश जो वहाँ बैठा मुट्ठी मार रहा होगा.















