देसी मूत और पेशाब की चुदाई

अंकल ने धीरे से मेरे दोनों पैर ऊपर किये और अपने बाएं हाथ में पकड लिए ,मेरे लिए ये बिलकुल नया अनुभव था।अंकल ने वो गर्म गर्म मांसल करीब 7 इंच लम्बा डंडा मेरे बिलकुल निचे से ऊपर तक की फांकों तक करीब 6-7 बार घिसा।मेरी छातियाँ ऊपर निचे होने लगी थी तभी अंकल ने अपने चूतडों से एक जोर से धक्का मारा और में बिलबिला गयी, मेरे अन्दर उन्होंने अपना काला डंडा घुसेड दिया था, मेने दर्द से उनकी तरफ देखा तो उन्होंने मेरे गाल थपथपाए और कहा की दिया बस चला गया मत घबरा.बस इसके बाद अंकल धीरे धीरे उस काले मांसल डंडे को मेरे अन्दर धकेलने लगे। अब मुझे भी मजा आने लगा था। अंकल के चूतड जितनी तेजी से मचलते थे, मुझे उतना ही मजा आने लगा था,अंकल ने अब मेरी टाँगें छोड़ दी थी,पर आनंद के मारे मेने ही खुद फेला ली थी।अंकल मुझे इसी हालत में करीब 15 मिनट तक खूब चोदते रहे, उन्होंने मेरे पूरा अन्दर दे दिया था। मै समझती थी की बूढ़े मर्द लड़कियों को प्यार नही कर सकते। पर उन्होंने मेरा दावा गलत कर दिया था। आखिर में अंकल की स्पीड काफी बढ़ गयी और कमरे में उनकी सांसें और मेरी दबी दबी आहें भर गयी थी. हिंदी XXX मेरी उम्र इस समय करीब 20 साल है। पिछले 2 साल पहले मेरी जिंदगी में एक

देसी मूत और पेशाब की चुदाई

Related videos