ये दिल्ली है दिल्ली!!….यहाँ पर किसी के पास किसी दुसरे के बारे में सोचने का वक़्त नही है!! XXX Hindi [मैंने झूठ बोल दिया था, क्यूंकि मेरे सहेलियों ने कहा था की धंधे में कभी असली नाम यूज मत करना]”.“कितना लेगी???” उस कार वाले लड़के ने पूछा.“5000 हजार रात का और 2000 एक ट्रिप का!!” मैंने कहा.उसने मुझे कार में बैठा लिया और अपने घर की ओर चलने लगा। रास्ते में ही वो मेरे साथ छेड़खानी करने लगा। मेरी चूत में ऊँगली डालने लगा और मेरे टॉप के उपर हाथ लगाने लगा। उसके कार वाले लड़के के घर पहुचते मेरी पेंटी मेरी चूत के मीठे पानी से तर हो गयी थी। वो कार वाला अकेले ही रहता था। उसका घर और बंगला बहुत शानदार था। उसके पास २ कारे थी, ऑडी, मर्सिडीस, और शेवरले। वो मुझे अपने बेडरूम में ले गया।“जान……क्या पियोगी व्हिस्की या बिअर???” उसने पूछा.मैंने उसका नाम तक नही पूछा और मैं उससे चुदवाने जा रही थी।“नो….थैंक्स!!. इसमें गलत क्या है…सब कॉलेज की लडकियाँ ये करती है!” विनीता बोली.“पर मेरे बिहार में तो इसको बहुत गलत माना जाता है…….उन लड़कियों को रंडी और धंधेवाली कहा जाता है!” मैंने कहा.‘अरी जान!!















