नमस्ते दोस्तो मैं आपका जुनैद, दोस्तो लंड और चूत का रिश्ता इतना गहरा है कि उसे लफ़्ज़ों में बयां नही किया जा सकता. नमस्ते दोस्तो मैं आपका जुनैद, दोस्तो लंड और चूत का रिश्ता इतना गहरा है कि उसे लफ़्ज़ों में बयां नही किया जा सकता. हिंदी XXX और वो फिर सोने लग गयी।मुझे ऐसा कहकर उन्होंने मुझे जैसे ललकारा तो फिर मैं कहा रुकने वाला था, मैंने फिरसे करवट बदली और इस बार मुमानी का कुर्ता उठा कर अपना लंड उनकी गांड को चिपका कर उनसे लिपटकर सोया और अपने हाथ से हीना मुमानी की गर्दन सहलाता और उनके स्तनों की मसाज करता।हीना मुमानी को भी मेरा ऐसा करना अच्चा लग रहा था। कुछ ही देर में मैं और हीना मुमानी एक दुसरे को किस करने लग गए। ओठों से ओठों की पप्पी लेने-देने का काम आपस मे चल रहा था तो दूसरी तरफ में अपने हाथों से हीना मुमानी के टांगो में टांग डालकर गांड मसल रहा था वो अलग।यू हमारा काम चल ही रहा था कि उतने में फिरदौस मुमानी कमरे में एकदम से आगयी और ज़ोर से चीख पड़ी। हम दोनों डर गए कि अब इन्होंने हमे देख लिया है अब हमारा भांडा फुट जायगा, मैं और मुमानी जल्दीसे उठे खुदको ठीक किया और फिरदौस मुमानी को चुप कराने लगे।इससे पहले की नाना पुछते की क्या हुआ हम ही मामले















