दो जानवरों जैसे मर्दों के बीच एक भारतीय बीवी की रसीली चुदाई

दो यार !! हिंदी XXX क्या आप मुझे खिड़की के बगल बैठने देंगे, मुझे जरा चक्कर आता है!” मैंने उस हैंडसम लड़के से रिक्वेस्ट की.“जी आइये !! तुम चाहो तो आज मुझे यही चलती ट्रेन में चोद लो!” मैंने कहा.उसके बाद हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आ गये। दूसरी बोगी से लोगो की बहुत आवाज आ रही थी। मुझे डर था की कही मैं यहाँ अपने दूध दबवाती रहू और कोई मुझे इस तरह इश्कबाजी करते हुए ना देख ले। दोस्तों जब जब ट्रेन रूकती तो मैं उस अजनबी लड़के शादाब से अलग हो जाती क्यूंकि वहां पर कोई ना कोई आता रहता। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.जैसे पानी और चाय बेचने वाले लड़के, अख़बार बेचने वाले आदमी वगेरह वगेराह। जब ट्रेन फिर से चलने लग जाती तो हम दोनों बिलकुल पास पास आ जाते और खूब एक दूसरे को किस करते और चुम्मा लेते। कुछ देर बाद शादाब मेरे ने मेरे काले रंग के सेक्सी टॉप के अंदर हाथ डाल दिया और मेरे बूब्स को सहलाने लगा।मुझे बहुत अच्छा लग रहा था दोस्तों। मैंने शादाब को कुछ नही कहा। मैंने उसे रोका भी नही। मेरी ट्रेन खटर खटर पटरियों पर दौड़ती रही और वो अजनबी मेरे टॉप में गले की तरह से हाथ डालकर मेरे दूध सहलाता रहा। फिर शादाब तेज तेज मेरे आम दबाने

दो जानवरों जैसे मर्दों के बीच एक भारतीय बीवी की रसीली चुदाई

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