थोड़े देर तक दीक्षा के ऊपर ही पड़े रहे फिर अलग अलग हो गए, दीक्षा बाथरूम गई और साफ़ की, वो लंगड़ा के चल रही थी, मैंने कहा दर्द हो रहा है क्या तो बोली कोई बात नहीं थोड़े देर में ठीक हो जायेगा, और फिर हम दोनों एक दूसरे को रोज रोज खुश करने लगे.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- एक दिन की बात है, मेरी मम्मी मां जी के यहाँ गई थी.दीक्षा के पापा और उसके भाई कही उसके भाई को एग्जाम दिलवाने ले गए थे शहर से बाहर, दीक्षा की मम्मी किसी रिस्तेदार के यहाँ गई थी, जैसे मुझे पता चला की दीक्षा अपने घर में अकेली है, तो मैंने उसको व्हाट्स अप्प किया की दीक्षा कहा हो आ जाओ आज मैं फ्री हु आज तुम्हारी मैथ्स की दो चैप्टर कोम्प्लेटे करा देता हु.उसने कहा ठीक है और आ गई, क्या बताऊँ दोस्तों आज वो स्लीव लेस्स टी शर्ट वो भी काफी टाइट पहनी थी, और निचे स्कर्ट वो भी शार्ट. हिंदी XXX और दोस्त बन गए, वो अब मेरे से पर्सनल बात भी शेयर करने लगी, धीरे धीरे करीब आने लगे, उसका बर्थडे था मैंने उसको अपना बाह फैला कर कहा हैप्पी बर्थ डे दीक्षा वो भी बाहों में आ गई, पहली बार उसके चूच सटने का एहसास हुआ.















