और अगर करेगी तो किसका? हिंदी XXX क्या सुनीता मान जायेगी विवेक का लंड लेने के लिए? कहते हुए काजल ने सुनीता का हाथ पकड़ कर अपनी चूची पर रख दिया।“क्यों शर्मिंदा कर रही हो बहू…” सुनीता के मुँह से पहली बार कोई शब्द निकले।“अरे नहीं मम्मी जी… ये सब प्राकृतिक क्रिया है… होता है कभी कभी ऐसा कि सेक्स हावी हो जाता है… जब विवेक कभी टूर पर जाते हैं तो मेरे साथ भी ऐसा होता है। तब मैं भी उंगली करके ही शान्त होती हूँ।”जब बहुत कुछ कहने करने पर भी सुनीता का मन नहीं बदला तो काजल ने ये कहते हुए बात खत्म की कि आज से हम दोनों सहेली हैं। जब भी आपको ऐसी कोई जरूरत महसूस हो तो मुझे बताना मैं आपकी मदद कर दूँगी आपको शांत करने में और जब विवेक टूर पर होंगे तो आप मेरी सहायता कर देना।कुछ दिन ऐसे ही बीते। काजल पूरी तरह से सास को खुश करने में लगी रहती पर सुनीता काजल के सामने शर्मा जाती और ज्यादातर चुप ही रहती। फिर एक दिन विवेक को तीन दिन के लिए टूर पर जाना था, पीछे से सास बहू घर पर अकेली थी। काजल ने सोच लिया था कि सुनीता को इन तीन दिनों में खोल देना है ताकि वो शर्मिंदा महसूस ना करें।पहली ही रात को काजल ने सुनीता को अपने कमरे















