फिर एक दिन रात को में अपनी बालकनी में खड़ा था और वो अपनी खिड़की में खड़ी थी. फिर में उसकी परवाह किए बिना जमकर शॉट लगाने लगा. XXX Hindi उस दिन में 12 बजे उठा था और फिर मैंने अपनी नौकरानी को नाश्ता बनाने के लिए बोला. अब कुछ देर के बाद उसकी आवाज बंद हो गयी और उसकी सिसकियों की आवाज़ आने लगी, आह्ह्ह्ह आआअहह सस्स्स्स्सह. “Panty Poori Gili Hui”अब उसका मिस कॉल आता और उसके बाद घंटो तक हमारी बातें चलती रहती. “Panty Poori Gili Hui”फिर जब 20 मिनट के बाद में झड़ने लगा तो मुझे महसूस हुआ कि ये बेहोश हो गयी है. अब वो दर्द के मारे कराह रही थी, आआहह उूउऊहह उउउईईइ माँ और कह रही थी कि ख़ान ज़रा धीरे दबाओ बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन अब में उसकी कहाँ सुनने वाला था.फिर में उसकी चूत में उंगली करने लगा और अब वो दर्द से तड़पने लगी, लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी और उसकी अपनी उंगली से चुदाई करने लगा. फिर हम दोनों बाथरूम में गये और नहाकर फ्रेश हुये. उसके बाद मैंने उसे दोबारा किस करना शुरू किया और इस बार वो भी मेरा साथ देने लगी थी.अब में काफ़ी मजे कर रहा था और अब में उसके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था.










