सामने वाले बेड की चादर और गद्दी गीली हो गयी पूरा फर्श गिला हुआ.फिर वो कुछ शांत हुई शांत होते वक़्त चार पांच छोटी पिचकारिया मारी. वो होल्ड करने की पूरी कोशिश कर रही थी. XXX Hindi वो बहुत गरम थी.“विशु, मेरी चाटो ना” समृद्धि ने मदभरी आवाज में कहा.मैंने पूछा “क्या?”उसने जवाब नहीं दिया.मैंने फिर पूछा “क्या चाटू?”तब उसने कहा “तुम्हे मालूम है.”फिर मैंने कहा “अगर बताओगी तो चाटूँगा”.फिर उसने कहा “चूत”.मैंने उसे बेड पर धकेल दिया, वो पीठ के बल गिरी. अंदर आते ही मुझसे लिपट गयी. मेरी खुरदरी जीभ मैं उसके दाने पर रगड़ रहा था. मैं 20-25 मिनट में उसके घर पर पहुंचा. एक डेढ़ मिनट तक वो पेशाब करती रही. मुझे झांटे पसंद है इसलिए वो नहीं काटती. हम किसी खास मेल का इन्तजार कर रहे थे जो विदेश से आनेवाला था.गोपी ने चाय बनाई. अब उसका दाना मेरे मुँह में और मेरी नाक उसके छेड़ में थी सास लेना बहुत मुश्किल था. और उसपर काबू कर लिए.दो मिनट ऐसे ही लंड चूत में जमाये रखा. आगे क्या होगा. मेरा काम हर वक़्त आउट ऑफ़ फैक्ट्री ही रहता था. बहुत बार हम चुदाई कर चुके थे. अब मैंने उठके उसका साथ देना चालू किया.















