ओ हो हो….” की आवाज लगाने लगी। वो मुझे मेरे गाल पर चूम रही थी। शायद उनको मेरी ठुकाई बहुत अच्छी लग रही थी। आंटी ने मुझे पीठ से दोनों हाथों से कसके पकड़ लिया था और मुझे चूम रही थी और प्यार कर रही थी।मैं उनको गमागम चोद रहा था। उनकी रसीली चूत बजा रहा था। आज राखी आंटी की चूत मुझे बड़ी किस्मत से मारने को मिल गयी थी। वो मेरे सामने पूरी तरह से नगी थी और उनके ही घर में मैं उनकी चूत ले रहा था। कुछ देर में मेरे लौड़े में उनकी चूत से निकला मक्खन लग गया जिससे मेरा लंड और भी चिकना हो गया और जल्दी जल्दी राखी आंटी के भोसड़े में फिसलने लगा।मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था। मैं अपनी पूरी ताकत लगा कर आंटी को ठोंक रहा था और उनकी चूत बजा रहा था। आंटी मेरे गालों पर किस कर रही थी और मेरी नंगी पीठ को अपने गोरे हाथों से सहला रही थी। आज इस मस्त माल आंटी को चोदकर मुझे बहुत मजा मिल रहा था।कुछ देर बाद आंटी को मैं और तेज तेज हौंकने लगा और वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हिंदी XXX हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” बोल बोलकर चुदवाने लगी। वो बार बार किसी देसी रंडी की तरह अपना मुंह खोल देती थी और जोर जोर से चिल्ला रही थी। मैं अपनी















