मुझको भैया कहेगी तो कितना बुरा लगेगा मुझको. हिंदी XXX जैसे मैंने दामिनी के घर की बेल बजाई वो लाल चुस्त टॉप और शोर्ट्स में निकली. दामिनी को मैं चोदता रहा. तुरंत चाय लेकर आती थी. उसके हाथों को हटकर उसका बुरपान करने लगा.जैसे शराबी मदिरापान करते है वैसे मैंने दामिनी की चूत का बुरपान करने लगा. फिर उसकी जीप खोल दी. अपना मुह दूसरी ओर कर लिया.मैंने उसकी पीठ में हाथ डाल किया. फिर एक दूसरे का हाथ पकड़ने लगे, धीरे धीरे हम चुम्मा चाटी तक आ गए. दोस्तों, मेरे दिमाग और लंड में बस एक चीज की गूंज रही थी. कई बार दामिनी मेरे लिए चाय लेके आती थी.और आदित्य भैया आप कैसे है? वो रोकती रही पर मैं न मना. अगले दिन मैंने उसके लव लेटर का जवाब चुपके से उसकी कॉपी में रख दिया.मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूँ दामिनी! फिर अचानक से दामिनी का व्यवहार मेरे पति बदल गया. फिर अचानक से दामिनी का व्यवहार मेरे पति बदल गया. तभी मैंने उसके बाए उरोज पर हाथ रख दिया. हम दोनों साथ में ही बड़े हुए थे. जब घर पहुचता तो अपने कमरे में जाकर मुठ मारता.यही सिलसिला ६ महीना चला दोस्तों.















