मेरा एडमिशन डेल्ही यूनिवर्सिटी में हो गया था. मैं अब मन बना लिया था की मुझे चाचा से सेक्स करना है चाहे कुछ भी हो.मैने अब चाचा को सिड्यूस करना शुरू कर दिया था. हिंदी XXX लगा के सो जाते थे. अब हम रोज़ चुदाई करेंगे. जब कभी उनके बाथरूम में जाती तो अपनी ब्रा पेंटी भी छोड़ देती थी ताकि चाचा उसे देखे. जब कभी उनके बाथरूम में जाती तो अपनी ब्रा पेंटी भी छोड़ देती थी ताकि चाचा उसे देखे. अब भतीजी चोद बन जाओ.उन्होने मेरी टांगे फेलाइ और अपना मोटा लंड मेरी चूत में डाल दिया. मुझे बहूत मज़ा आ रहा था. मैने उसे अपनी उंगली में लिया और चख लिया. आज तो तुझे अछे से पेलुँगा मैं.मैने कहा प्लज़्ज़्ज़ बेबी.. चाचा ने बोला आराम से नहीं होगा आज मेरी रांड़ बहूत दीनो बाद ऐसी मस्त चूत मिली है. “Hot Bhatiji”मैने देखा की उनकी लूँगी में उनका लंड खड़ा हो रहा था. मुझे बेबी कह कर बुलाओ. मन करता था क सड़क पे ही चुदाई शुरू कर दू. अब मुझे भी मज़ा आ रहा था. जो लड़का सामने से गुज़रता था नज़र सीधा उसकी पेंट की ज़िप बाले हिस्से पे चली जाती थी. मैं भी उनका साथ दे रही थी. उनका हाथ अब मेरे बूब्स पर था. मेरी आअहह आआहह की आवाज़ो से चाचा की जीभ की रफ़्तार और बढ़ती जा















