आंटी के मूह मे ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा जिस से लंड आंटी के गले तक जा रहा था ओर उनकी गुगु की आवाज़ आ रही थी ओर चूत मे भी उंगली कर रहा था. तब हम छत पर बने एक छोटे से रूम मैं चले गये जहा से सीडिया नीचे जाती थी आंटी ने सारे भीगे हुए कपड़े वहां रखी बकेट में डाल दिए. हिंदी XXX ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.अब आंटी नीचे से मेरा लंड गपा गॅप अपने मूह मे ले रही थी ओर मे उनके उपर उनकी चूत को चाट रहा था आंटी की सिसकारिया निकल रही थी जो पूरे कमरे मे गूँज रही थी आआअहह ससस्स ऊओह आआअहह. कुछ देर बाद कंचन आंटी भी वहां आ गई उन्होने भी रेड कलर की नाईटी पहनी हुई थी आते ही उन्होने मुझे देखा ओर एक सेक्सी स्माइल देकर मेरे पास आकर बैठ गई.माध्वी आंटी ने टीवी बंद कर दिया तब मेरा दिमाग़ ठनका ओर सारा माजरा मेरी समझ मे आ गया की आज कंचन आंटी की चुदाई करनी है. कुछ देर बाद कंचन आंटी भी वहां आ गई उन्होने भी रेड कलर की नाईटी पहनी हुई थी आते ही उन्होने मुझे देखा ओर एक सेक्सी स्माइल देकर मेरे पास आकर बैठ गई.माध्वी आंटी ने टीवी बंद कर दिया तब मेरा दिमाग़ ठनका ओर सारा माजरा















