ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.हां मैं आपको बूब के बारे में बता दू, गोल गोल पिंक कलर का निप्पल खड़ा लग रहा था, ऐसा लग रहा था की भगवान इससे बढ़िया बूब बना ही नहीं सकता, जब मैं दबाता तो उनके बूब पे मेरी उंग़लीयों के निशान छाप जाता. हिंदी XXX मैंने पीछे से उनके चूच के पकड़ने में कामयाब हो गया.मैंने उनके बूब को जैसे ही दबाया वो ऊपर देखि और अपने होठ को दांत से दबाई, मेरा लंड खड़ा हो गया, मैं भी बैठ गया और पीछे से उनके चूच को दबाने लगा और मैंने गाल को चूमने लगा वो कामुक हो गयी थी, उनकी चूड़ियाँ खनक रही थी, वो मेरे फेस को टटोल रही थी.वो बोली दरवाजा बंद कर लो, मैं उठा और दरवाजा बंद कर दिया, वापस मूड कर देखा वो भूखी शेरनी की तरह बाल बिखरे साडी का आँचल निचे वो चुदने का इंतज़ार कर रही थी, मैंने जब उनको देखा मेरे शरीर में आग सी दौड़ गयी, मैंने भी भूखे शेर की तरह झपट पड़ा.वो उठी और मुझे पकड़ते हुए पलंग पर लेट गयी मैंने ऊपर चढ़ गया, मैंने उनके ब्लाउज के हुक को खोला, पीछे से वो ब्रा का हुक खोल दी, बाहर जोर जोर की हवा चल रही थी, मेरे मन में हिचकोले ले रहा था, मैंने उनके बूब को















