उनके लंबे नाखुम मेरे पीठ मे गड रहे थे. हिंदी XXX मैंने पहली बार कीसी दुसरे मर्द को नंगा देखा.. मैंने अपना अंडरवीयर भी नीकाल दीया.. मेरा हाथ उनके चुचियों पर पोहुच गया.. मुझसे नही होगा..”मैंने उन्हें पाकर के पोजीशन मे लीया अब वो मेरी गुलाम थी.. लेकीन उसने कभी लिमिट नही क्रॉस की थी और उसकी यही अदा मुझे उसकी तरफ खीचती थी.उससे मिल के आने के बाद मैं बेचैन हो जता था और उस दिन माया (मेरी पत्नी) को बुरी तरह चोदता था, वो भी कहती थी आज क्या हो गया है.. लग रहा था की एक शर्माई हूई मुनीया.. मैं उन्हें सुबह स्टेशन पर छोडने गया..तब भाई साब ने कहा जया अकेली है और बच्चे भी नाना के यहाँ गए है एक महीने के लिये. वहा लगते ही उसकी साइज़ बढ़ने लगा .वो मुझसे छुटने की कोशीश करने लगी.. और मुझे चुदाई मे रहम से नफ़रत है… खैर मैं उठा.. उनका घर दो मंजीला है.मैं वहा पोहुचा तो आवाज़ दी.. और ऐसे मे उनकी चुत का छेद एकदम गीला…और गांड का गुलाबी छेद… मैंने पीछे से लंड को उनके चूतर पर घुमाया… और गांड के छेद पर लगाया… वो एकदम उठ कर खडी हो गयी ..नईई वह नहीईईईइ. Hot Bhabhi Fuckमुझे उसकी नज़रों से लगता था की वो मुझे चाहती है. उन्होने कुछ नही कीया…मैं ने उनकी चुत को देखा..















