भारत समर अपनी सौतेली बेटी जेन्ना सतीवा को पीछे से चोदती हुई

लेकिन समय की नज़ाकत को देखकर सब्र की घूँट पी गयी। क्योंके उसकी जरा सी भी गलती, बड़ा बखेड़ा शुरू कर सकती थी।अगले दिन उसका थोडा बुखार कम हुआ। तो वो दूसरी हवेली पे चली गयी। वह जाकर देखा तो अकेले जमीदार के बिना वहां कोई भी नही था। भौरी को आते देख ज़मीदार की बाछे खिल गयी और अपनी मूंछ को ताव देते हुए मन में खुद से बाते करने लगा, जिस दिन का तू कई महीनो से इंतज़ार कर रहा था, भूपेंद्र सिंह आखिर वो आज आ ही गया ।आज तो तुम्हारी हर इच्छा पूरी होने वाली है । जो कल्पना में देखता या सोचता है तू, और चेहरे पे हल्की सी मुस्कान लाकर पास आ रही भौरी को देखने लगा।ज़मीदार — आखिर आ ही गई भौरी तू, मुझे तो लगा था के आज भी कल की तरह बुखार की वजह से आ नही पाओगी।भौरी — हम गरीब जरूर है मालिक, लेकिन ज़ुबान के एकदम पक्के है। वो बात अलग है किसी वजह से थोड़ा देरी से आये। आपको बोला था के बुखार उतरते ही आउंगी तो आ गयी। अब बोलो क्यों बुलाया है आपने, क्यूके मेरे हिसाब से इस हवेली का कोई भी काम अधूरा रहता नही है। सब काम पिछले हफ्ते ही तो मैं पूरे करके गयी थी। “Jamindar Ki Sexy Kahani”ज़मीदार —  भौरी, जरूरी नही हवेली के

भारत समर अपनी सौतेली बेटी जेन्ना सतीवा को पीछे से चोदती हुई

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