वो उसे सहलाने लगा, उसकी उंगली मेरी जाँघ के अंदरूनी हिस्से मे फिरने लगा. सोते समय एक बड़ा और मोटा सा बैंगन लेकर अपने कमरे मे बंद हो गयी.और उसे अपनी बुर मे घुसा कर चुदती रही, नींद आने तक मैं 4-5 राउंड चुद गयी. हिंदी XXX ..! एक दो राउंड कार चलाने के बाद अचानक जोरदार बारिश होने लगी और हमलोग बीच मैदान मे कार रोक दिए. फिर कार स्टार्ट करने से पहले राघव नीचे झुक कर मेरे पैरो को क्लच और ब्रेक पर रखने लगा. राघव ने पहले मेरे गालो को सहलाया और मेरा एक हाथ अपनी पीठ पर रख दिया, उसका दूसरा हाथ मेरे जाँघो को सहलाने लगा, मैं लगभग बेहोश थी, मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया था.उसकी उंगली मेरी पेंटी के किनारे से अंदर की ओर जाने लगी, मुझे 105 डिग्री फीवर की कंपकपि आ गयी, मेरी दोनो चुचियाँ उसके जाँघ से दबी हुई थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.अब तो बैंगन मेरी रोज की ज़रूरत बन गयी थी. अचानक उसने मेरा सिर अपनी गोद पर रख दिया और पैर उठा कर सीट पर कर दिया, मैं तो पुतले की तरह एक दम ढीली हो गयी थी.उसकी गोद मे गिरते ही मुझे पहली बार किसी पुरुष गंध का एहसास हुआ और गालो पर उसके खड़े लंड की चुभन फील हुई.















