दूसरे ही पल कमलेश ने उसे अपनी बाहों में उठा लिया और पलंग पर लाकर लेटा दिया और खुद भी नंगा होकर उसके ऊपर झुक गया. उसने नीचे उतरकर देखा तो कमलेश के सर से खून निकल रहा था. हिंदी XXX मेरा नाम टप्पू है और में आज एक बार फिर से आप सभी के सामने अपनी एक और सच्ची घटना लेकर आया हूँ. तो कमलेश बोला कि हाँ आज में तुम्हे मार ही डालूँगा. वो अपनी मंज़िल की तरफ दौड़े जा रहा था और कुछ ही पलों में वो अब रुक गया और बिल्कुल निढाल हो गया. अक्षिता उसकी इस हरकत से डर गई और वो अब उसका विरोध करते हुए बोली कि यह क्या कर रहे हो. वो मन ही मन अब बहुत खुश था क्योंकि उसे आज इसी मौके की बहुत दिनों से तलाश थी और वो अब उसे मिल गया.फिर अक्षिता ने उसे जगह बताते हुए कहा कि पुनीत के नाईट कपड़े वहां पर रखे हुए है और आप उनके रूम के जाकर बदलकर हाथ मुहं धोकर आ जाईएगा और जब तक में आपके लिए खाना गरम करती हूँ. में इसे यहीं पर रोक लेती हूँ, लेकिन एक बार कहकर देखती हूँ. कमलेश उसके हृष्ट पुष्ट संतरे जैसे बूब्स को चूस चूसकर अब बहुत थक चुका था.















