अब हम दोनों पलंग पर लेट गए और एक दूजे से लिपट कर चिपट गए. मैं भाभी को अक्सर हनीमून को लेकर छेड़ने लगा. हिंदी XXX अब मैंने अपने हाथ से उस रस को उसके गुप्तांग पर फैला कर धीरे धीरे मसाज करना शुरू किया. हिमांशी अब घूमकर मेरे सामने आ गई.वो अभी भी मुस्कुरा रही थी..अभी भी उनका पल्लू नीचे था. मैं बी एस सी के दूसरे साल में था. “Madmast Jawani”भाभी ने एक बार फिर मेरे गालों को चूमा और बोली ” जन्मदिन बहुत मुबारक. हिमांशी ने उस रस को अपने गुप्तांग पर लगाया और मेरी तरफ मुस्कुराकर देखा. किसी महिला का ये मेरे जिस्म पर पहला स्पर्श था. हम दोनों मौसी के साथ खूब बातें करते और मजाकें भी.भैया और भाभी हनीमून मनाकर लौट आये थे. ये कैसा बांटना हुआ. “Madmast Jawani”भाभी ने एक बार फिर मेरे गालों को चूमा और बोली ” जन्मदिन बहुत मुबारक. वो मेरे से पांच साल बड़ा था. हिमांशी अपनी जाँघों के दबाव से मेरे लिंग का मसाज करने लगी.हिमांशी के गुप्तांग और जननांग के बीच का हिस्सा हम दोनों के गाढे रस से पूरी तरह से गीला हो चुका था. हिमांशी दिखने में बहुत ही खुबसूरत थी और उसका कद भी काफी छोटा था. अब हिमांशी और मैंने एक दूसरे को धीरे धीरे गालों पर ; गरदन पर ; सीने के उपरी हिस्सों पर चूमना















