फिर पेटीकोट भी खोल दिया, गजब की पेंटी जो की झिल्लीदार पहनी थी, ओह्ह्ह्ह मेरा रोम रोम खड़ा हो गया, अंदर बिजली का करंट सा लगा, मैंने उसके पेंटी के ऊपर से ही अपनी नाक लगा कर उसके चूत की खुशबु का आनंद लेने लगा.वो मचल रही थी, वो मेरे बाल को पकड़ कर हटाने की कोशिश कर रही थी, मैंने उसके पेंटी को उतारने की कोशिश की, वो शर्मा गई, मैंने कहा अरे मुझसे क्या शर्माना, वो बोली धीरे धीरे नार्मल हो पाऊँगी. और मैं उसके पेंटी में हाथ घुसा दिया, वो चहक उठी. हिंदी XXX वो दोनों खूब गांड उठा उठा कर चुदवा और चोद रहे थे और मैं विडियो बनाने में मस्त था और एक हाथ से अपने लंड को भी सहला रहा था. वो सिहर गई. जब है रही थी तो गजब की लग रही थी, उसकी चूचियां उसके हँसी से हिले जा रही थी, मैं तो बहूत ही ज्यादा मूड में था. दोस्तों मुझे तो ऐसा लगा की बहनचोद को अभी छोड़ दू. फिर पेटीकोट भी खोल दिया, गजब की पेंटी जो की झिल्लीदार पहनी थी, ओह्ह्ह्ह मेरा रोम रोम खड़ा हो गया, अंदर बिजली का करंट सा लगा, मैंने उसके पेंटी के ऊपर से ही अपनी नाक लगा कर उसके चूत की खुशबु का आनंद लेने लगा.वो मचल रही थी, वो मेरे बाल को पकड़ कर हटाने की















