आप भी ना बेचारे सर को अपने जाल में फँसा लिया हा हा हा हा!तनुजा- अरे पगली सारे मर्दों को चिकनी चूत बहुत पसन्द आती है और खास कर तेरी जैसी कच्ची कली की चूत तो चिकनी ही रहनी चाहिए.. हिंदी XXX ये बता मज़ा आया कि नहीं तुझे।श्रेष्ठा- दीदी सच बताऊँ.. बड़े से बड़े लौड़े को खा जाती है.. धीरे से दबाओ ना उफ़फ्फ़.. और तुम्हारे घर में कौन-कौन है.. उह कितना अजीब सा स्वाद था।तनुजा- अबे बस उल्टी करेगी क्या बिस्तर पे..? आप खुद जान गए होंगे कि ये श्रेष्ठा के साथ ही स्कूल में पढ़ते हैं। बाकी की जानकारी जब इनका खास रोल आएगा तब दे दूँगी। फिलहाल स्टोरी पर ध्यान दो। श्रेष्ठा का दिन एकदम सामान्य गया.. आह्ह.. तब मुझे पक्का पता चल गया कि ये लौड़ा नकली नहीं.. मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा ठीक से बताओ मुझे।श्रेष्ठा- वो.. आह्ह… आज तेरी चूत को पानी से भर दूँगा … 18 सालों से ये प्यासी थी.. बस तू मेरी बात मानती रहना, जैसा मैं कहूँ वैसा करती रहना।श्रेष्ठा- ओके दीदी.. कुछ नहीं हुआ है, बस थोड़ी देर रुक जा.. हाथ हटाने को दिल ही नहीं कर रहा.. इस तरह ज़्यादा मज़ा आएगा मगर ये हाथ तो खुले रहने दो ना।तनुजा- नहीं मेरी जान हाथ बाँधने जरूरी हैं वरना तुझे ऐसा लगेगा कि लौड़े को हाथ से पकडूँ और जैसे ही















