अब तो पलंग पर चुदाई का बड़ा ही ख़तरनाक सीन चल रहा था.फिर में भाभी को अलग-अलग स्टाइल में चोदने लगा. हिंदी XXX फिर भाभी ने कहा कि देवर जी क्या कर रहे हो? फिर मैंने भाभी के कपड़े जो वो नहाने के बाद पहनने वाली थी.मैंने उनकी कमीज़ के दोनों चाकों को कैंची से काटकर थोड़ा बड़ा कर दिया ताकि में उनकी कमर को देख सकूँ और कमीज़ की लंबाई भी 10 इंच काटकर उसे एकदम पटियाला बना दिया, ताकि में भाभी की नाभि सलवार के ऊपर से पूरी देख सकूँ.और सलवार को भी नाड़ा बाँधने की तरफ से 4 इंच काट दिया, ताकि में उनकी नाभि देख लूँ और चूत के पास वाली जगह की थोड़ी सिलाई खोल दी, ताकि खींचने पर सलवार चूत के पास से आराम से फट जाए और सलवार के नाड़े में मैंने दो घुंघरू लगा दिए, ताकि भाभी की सलवार का नाड़ा लटकने और चलने पर आवाज़ आए.अब 15 मिनट तक भाभी अंदर नहाती रही और में उन्हें पर्दे के बाहर से देखता रहा. अब पेशाब की आवाज़ सुनकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने भाभी की चूत में कस कर अपना मुँह लगा दिया और भाभी की चूत चूसने लगा.अब भाभी का पेशाब सीधा मेरे मुँह पर गिर रहा था और भाभी की सलवार भी थोड़ी पेशाब में भीग गई थी.















