मैंने उसकी पीठ में हाथ डाल दिया और उसकी ब्रा निकाल दी.मुझ पर तो जैसे कयामत ही टूट पड़ी. उसकी चूत अभी भी काफी टाईट थी. XXX Hindi क्यूंकि मैं तो लड़का था, मैंने किसी का लंड नही चूसा था.पर जैसा भी मेरे लंड का स्वाद था सायद अवंतिका का जादा रास नही आ रहा था. आगे बढ़कर उसके गुलाबी चिकने होठों को मैंने मुंह में भर लिया और पीने लगा. मैं भी उसके आसपास रहता था और उसको जोक सुनाता था. डर के मारे मैंने अवंतिका को चोदना बंद कर कर दिया.आ रही हूँ! कुछ दिन बाद १४ फरवरी का वेलेन्टाइन डे आया तो मैंने उसको ढेर सारे वेलेन्टाइन डे कार्ड, गिफ्ट्स और गुलाब दिए. आज प्यार का खास दिन है. वो थोडा घबरागयी. धीरे धीरे मेरी उससे गहरी जानपहचान और दोस्ती हो गयी. मैंने पूछ लिया.वो हस पड़ी.नही विवेक भैया! मैं पक पक करके अवंतिका को पेलने लगा. सच में उसके गले में सरस्वती विराजमान थी. उसने स्लीवलेस वाली स्कर्ट पहन रखी थी. गुद्दीदार लंबी नाव की आकार की. मैंने उसको ट्रिक बताई.अब वो उसी तरह मेरा मोटा लंड हाथ से जल्दी जल्दी फेटने लगी और लंड चूसने लगी. धीरे धीरे मेरी अवंतिका से सेटिंग हो गयी. क्यूंकि जादा वक्त नही था. मेरी बहन अदिति ने मुझसे पूछा. चल बाहर निकल! मेरा मोटा गुलाबी सुपाडा पूरा का पूरा वो अंडर ले रही















