मुझे वो सब देखकर ऐसा लगा कि जैसे में कोई सपना देख रहा हूँ, लेकिन तभी एक मिनट बाद में दोबारा अपने होश में आ गया.और फिर मैंने महसूस किया कि यह मेरा खुली आखों से देखा हुआ कोई सपना नहीं था, यह तो हक़ीक़त ही थी और क्या कभी ऐसा भी हो सकता है यह सब मैंने पहले कभी भी सोचा नहीं था. XXX Hindi तो मैंने भी उनको सभी बातें बताते हुए अपना सर दर्द होने का बहाना बनाया और में अपने कमरे में जाकर लेट गया. में अरुण के लिए वो सब करूँगा जो एक बाप अपने बेटे के लिए कर सकता है, लेकिन यह बात तुम्हारे और मेरे बीच ही रहे.तो मम्मी मौसा जी से लिपटकर बोली कि हाँ यह बात आपके और मेरे बीच ही रहेगी में बहुत अच्छी तरह से जानती हूँ कि आप अरुण को एक बाप की तरह ही प्यार करते है इसलिए ही तो मैंने अपने आप को आपकी पत्नी मान लिया है.अब मौसा जी ने मम्मी की बात सुनकर खुशी से उनके चिकने और फूले हुए गाल पर प्यारी सी पप्पी ले ली और फिर मौसा जी बोले कि क्यों आज दूसरी बार चुदाई का खेल भी खेल लें? फिर उनकी जगह मेरी मम्मी को नौकरी मिल गयी थी. फिर में धीरे से अपने घर के पीछे की तरफ चला गया वहां पर पहुँचकर















