रास्ता काफ़ी खराब था, और झटको की वजह से उन्हे बैठने में तकलीफ़ हो रही थी.तभी मेने कहा ताइजी आप जितना पीछे आके बैठ सकती है बैठ जाओ और में आपको पकड़ लेता हूँ, फिर आपको बैठने में दिक्कत नही होगी, ताइजी एक दम पीछे होके बैठ गयी, जब वो बैठ गयी तो मेरा लंड सीधा उनकी गांड के बीचो बीच फँस गया, सच बता रहा हूँ दोस्तों इतना मज़ा आया के पूछो मत.और फिर मेने अपने दोनो हाथ ताइजी की कमर से लपेट लिए, अब उनकी कमर की कोमल स्किन मेरे हाथ में थी बड़ा मज़ा आरहा था, मेने ताइजी से पूछा के आप कंफर्टबल हो के नही, वो बोली हां बेटा अब ठीक है, मेरा लंड अब बड़ा हुए जा रहा था, उन्हे फील हो रहा था मेरा लंड वो भी थोड़ा अड्जस्ट हुई और मेरा लंड पूरा अपनी गांड के बीचो बीच ले लिया.रोड खराब होने की वजह से हिलने की ज़रूरत ही नही थी, फिर मेने धीरे से आछे से पकड़ने के बहाने अपने दोनो हाथ उनकी नाभि तक ले आया, उनके मूह से सिसकिया निकल रही थी, वो मुझसे बोली ऑटो वाला देखेगा तो क्या सोचेगा, मेने कहा मेने चेक किया उसे पीछे क्या हो रहा है वो बिल्कुल नही दिखेगा.तब वो थोड़ी शांत हुई, और मेरे लंड का भरपूर आनंद लेने लगी, अब में धीरे धीरे















