जल्दी से कपड़े पहन लो. चाची को चोदने को मैं बेताब था. हिंदी XXX चोदने लायक मस्त कडक माल थी.उनकी मैं क्या तारीफ़ करू. और पी रहा था. कुछ देर बाद ट्रेन से १०० १२० किमी की रफ्तार पकड़ ली.थोड़ी बाते करने के बाद हम दोनों को नींद आने लगी. चाची अपनी सीट पर लेट गयी और मैं भी अपनी सीट पर ठीक उनके सामने ही लेट गया.चाचा के ब्लाउस के गले से उसकी मस्त मस्त संगमरमरी छातियाँ दिख रही थी. वरना वो सीट से नीचे गिर जाती. जहाँ पड़ता मेरी पाँचों उँगलियाँ छप जाती. मैं अपनी प्यारी चाची को खाने लगा. चलती ट्रेन में चाची की चूत मारना एक सुहाना सपना था जो आज साकार हो रहा था. पैंट खोलकर मेरा हाथ मेरा मोटे लंड पर चला गया.मेरे सामने मेरी मस्त चाची थी. आज जी भरके अपनी गांड चुदाई करवा ले. चाची अपनी सीट पर लेट गयी और मैं भी अपनी सीट पर ठीक उनके सामने ही लेट गया.चाचा के ब्लाउस के गले से उसकी मस्त मस्त संगमरमरी छातियाँ दिख रही थी. हमारे चुदाई काण्ड के बारे में किसी को पता नहीं चलेगा’ मैंने कहा, और फिर से अपनी प्यारी चुदकक्ड चाची के होंठ और उनकी भीनी भीनी साँसों को मैं पीने लगा.















