की आवाज़े आने लगी पता ही नही चला.डॅड पूरी रफ़्तार से मिस सुनिधि की ठुकाई कर रहे थे, वो लंड को पूरा बाहर निकालते और स्टाककक से पूरा का पूरा लंड अंदर घुसा देते, इससे सुनिधि की चीख निकल जाती और वो डॅड वो गालिया निकालने लग गई, और डॅड भी उसकी माँ बहेन कर देते.वो चुदाई इतनी मजेदार हो गयी थी कि मेरा हाथ भी कब मेरी नरम से चूत पर चला गया मुझे पता ही नही चला और मैने लोअर मे हाथ घुसाया और अपनी चूत मे उंगली घुसाने लगी. डॅड धड़ा धड़ सुनिधि की चुदाई कर रहे थे.सुनिधि – चोद साले चोद आहह.. XXX Hindi मैं ये सब देख कर हेरान थी पर मुझे गुस्सा भी बहोत आया कि डॅड ऐसा केसे कर सकते है. मैं हेरान थी कि डॅड आख़िर वहाँ इस वक्त रात को क्या कर रहे है, मैं उन्हे आवाज़ लगाने ही वाली थी कि वो चोरों की तरह छुपते हुए वहाँ से उठे और बाहर की और जाने लगे.मैने भी सोच लिया कि अब मुझे जानना ही पड़ेगा कि आख़िर माजरा क्या है, तो मैने भी छुपते हुए उनका पिछा शुरू किया और देखा कि वो हमारी पड़ोसन मिस सुनिधि के घर घुस गये. डार्लिंग मुझे तुम्हारे लंड का स्वाद बहोत पसंद है.डॅड – आह्ह्ह्ह.. Live Chudai Showदर असल मेरी ये नटखट चूत मुझे नये नये लंड















