वो मेरे चूत को चाट रहा था और मैं उसके लंड को चूस रही थी.दोस्तों मैं इस दरम्यान दो भर झड़ चुकी थी और वो मेरे चूत को पानी को साफ़ किये जा रहा था. हिंदी XXX मैंने फिर पूछा क्या बात हो गई. और पलंग को चों चों को आवाज से और मेरे चूत पे छाप छप की आवाज से पूरा कमरा गूँज रहा था. और मैं आह आह आह आ उफ़ उफ़ उफ़ आउच की आवाज निकल रही थी. Wife Santusht XXXपहले तो अपने चाहते शहर में मजे से दिन भर लोगो से पड़ोसियों से बात करते रहती थी पर दिल्ली का माहौल ऐसा है की, यहाँ लोगो अपने अपने फ्लैट में ही बंद रहते है, मैं कहा स्वछन्द लड़की आज मैं चार दीवारी में बंद होकर सास बहू का सीरियल देखते दिन बिताती और रात को पति का आने का इंतज़ार करती.दोस्तों सच बताऊँ तो मेरी लाइफ ठीक नहीं चल रही थी. अधूरापन लगने लगा, मैं धीरे धीरे उदाश रहने लगी. मैं कई बार गया उसको लाने के लिए पर वो नहीं आई.दोस्तों पता नहीं क्या हुआ, मेरे मुह से निकल गया. वो मेरे चूत को चाट रहा था और मैं उसके लंड को चूस रही थी.दोस्तों मैं इस दरम्यान दो भर झड़ चुकी थी और वो मेरे चूत को पानी को साफ़ किये जा रहा था.















