चाय पीते पीते टीवी भी देख लिया करता. हिंदी XXX उसके बाद वो बोली अंकल चूत मे लंड डालने पर दर्द होता होगा ना तो मैने कहा की पहली बार थोड़ा सा दर्द होता है पर मज़े बहूत आते है.ऐसे बात करते करते हम दोनो आपस मे चिपक गये थे. एक दिन सुबह सुबह मैं उनके घर पर गया तो घर पर कोई नही था सिर्फ़ आरोही अकेली थी. आप जब चाहे इसकी चुदाई कर सकते है… ये आपकी गुलाम है…मैं भी पूरे मज़े से उसकी चुदाई कर रहा था… मेरे लंड को जन्नत मिल गयी थी… मेरा लंड बार बार उसकी चूत की गहराई मे आनंद ले रहा था… कसम से मेरा लंड बार बार कह रहा था क्या चूत मिली है… उसकी कसी हुए कुँवारी चूत ने मेरे लंड को निहाल कर दिया था…वो भी अपने चूतड़ को उपर नीचे कर रही थी…मैं उसके मुम्मो को बार बार बार चूम रहा था.. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.पर अब उसे मज़े आ रहे थे मैं लगातार 20 मिनूट से चुदाई कर रहा था कि वो बोली अंकल जी अब पता नही मुझे क्या हो रहा कि मेरी चूत मे से कुछ निकलने को हो रहा है… तो मैने कहा कि मेरे लंड भी कुछ छूटने वाला है… तो बोली कि आप जो छोड़ रहे हो… वो मेरी






