तो हम शाम को लेट घर पहुँच पायेंगे. हिंदी XXX वो चिल्ला रही थी और रो रही थी. अब में बूब्स को दोनों हाथों से मसल रहा था और मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रखा जो कि अभी तक पेंटी से ढकी हुई थी. मुझे चोदो, मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है. उसका दम घुटने लगा.. तू जो चाहें मेरे साथ कर. मैंने तो वो उसकी चूत के लिये रखा था. तो मैंने उससे बोला कि शुभद्रा मुझे रियल सेक्स करना है.. में तो तेरी कुत्तिया और रखेल हूँ. मुझे दर्द होगा. वो बोली नहीं गांड नहीं.. “Girlfriend Sath Phone Sex”में नहीं माना और उसकी गांड पर 7-8 थप्पड़ मारे.. एक रात जब हम फोन सेक्स कर रहे थे.. वो मुझे देखकर बोली कि तुमने तो मुझे चलने के लायक भी नहीं छोड़ा और मुझे सड़क कि कुत्तिया की तरह चोदा. में उसके बूब्स को हाथों से मसल रहा था. उसका दम घुटने लगा.. मैंने उसको फिर से थप्पड़ मारा और मुँह में लंड घुसा दिया.. अब वो सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी.मैंने उसकी आँखों पर किस किया.. मेरी चूत भूपेश.में उसके चूत के दाने को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा.. एक रात जब हम फोन सेक्स कर रहे थे.. मैंने अपने पेशाब की धार उसके मुँह में निकाल दी. मैंने उसको कुत्तिया बनने को कहा और अपना लंड उसकी गांड पर रखा















